अमेरिका के भावी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि वे ‘Daylight Saving Time’ की प्रथा की समाप्ति का प्रयास करेंगे. बहुत से अमेरिकी और रिपब्लिकन पार्टी के नेता भी चाहते हैं कि यह व्यवस्था बंद हो. राष्ट्रपति ट्रम्प ने इसे बेकार और ख़र्चीला बताया है.
अमेरिका उन कुछ देशों में है, जहाँ ‘Daylight Saving Time’ की प्रथा है. कभी भारत में भी ऐसी व्यवस्था थी. अमेरिका में यह व्यवस्था 1918 में शुरू हुई थी. इसका उद्देश्य विश्व युद्ध के दौरान ऊर्जा की बचत करना था. पर अगले ही साल उस क़ानून को रद्द कर दिया गया.
दूसरे महायुद्ध के समय 1942 में फिर यह व्यवस्था वापस आ गई और तब से यह चली आ रही है. साथ-साथ इसकी उपयोगिता को लेकर बहस भी चलती रही है.
‘Daylight Saving Time’ के व्यवस्था के तहत अमेरिका में लोग नवंबर के शुरू में अपनी घड़ी को एक घंटा पीछे तथा मार्च के मध्य में एक घंटा आगे कर देते हैं. देश के दो राज्यों- एरिज़ोना और हवाई- में यह व्यवस्था नहीं है.
‘Daylight Time’ मार्च से नवंबर तक और ‘Standard Time’ नवंबर से मार्च तक चलता है. संलग्न नक़्शे में उन देशों को देखा जा सकता है, जहाँ यह व्यवस्था है या पहले कभी रही थी.


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