अगले कुछ दशकों में एक पीढ़ी से अगली पीढ़ी को ऐतिहासिक धन हस्तांतरण होने वाला है. सेरुली एसोसिएट्स के विश्लेषण के अनुसार, अमेरिका में 2048 तक 124 ट्रिलियन डॉलर हस्तांतरित होगा, जिसमें 105 ट्रिलियन डॉलर वारिसों को मिलेगा और शेष दान में जायेगा.
वैनगार्ड के आकलन के मुताबिक़, वैश्विक स्तर पर 2030 तक 18.3 ट्रिलियन धन का हस्तांतरण होगा. अकेले ब्रिटेन में 2050 तक सात ट्रिलियन पाउंड वारिसों को मिलेगा. यूबीएस के अनुसार, आगामी दशकों में दुनिया में (अमेरिका को छोड़कर) लगभग 83 ट्रिलियन डॉलर धन हस्तांतरित होगा, जिसमें लैटिन अमेरिका में 50.6, एशिया-प्रशांत में 11.4 और यूरोप, मध्य-पूर्व एवं अफ़्रीका में 21.4 ट्रिलियन डॉलर वारिसों को प्राप्त होंगे.
मेरा मानना है कि ऐसा धन हस्तांतरण संभवत: फिर कभी नहीं हो सकेगा. इसकी कुछ वजहें हैं. भारत और चीन जैसे सबसे बड़ी आबादी के देशों के साथ-साथ बहुत सारे देशों में जनसंख्या घट रही है. इस कारण धरती की आबादी अब कभी भी आज से दुगुनी यानी 16 अरब नहीं हो पायेगी. साल 2080 के बाद तो आबादी घटने के अनुमान हैं.
विलियम ग्रुप्स के एक अध्ययन के अनुसार, अमेरिका में 70 प्रतिशत तक धनी परिवार अगली पीढ़ी आते-आते अपना धन खो देते हैं और तीसरी पीढ़ी आते-आते 90 प्रतिशत तक परिवारों का धन चला जाता है.
तीसरी और सबसे अहम वजह यह है कि आमदनी और अवसर लगातार घटते गये हैं. कौशल नहीं बढ़ाने, संघर्ष से भागने और मेहनत नहीं करने की प्रवृत्ति निरंतर बढ़ती गई है. साथ ही, तकनीक के विस्तार तथा बाज़ार व्यवस्था के समीकरणों के कारण आमदनी और धन बनाना सीमित लोगों के हाथ में जाता गया है. यह अब और सघन होगा.
यह जो इतनी भारी मात्रा में धन हस्तांतरित होगा, यह विषमता में योगदान ही करेगा क्योंकि धन को बचाने-बढ़ाने की जुगत करना बाज़ार व्यवस्था के तहत ही संभव होगा और बाज़ार भी बदलेगा. ऐसे रुझान सामने आने लगे हैं कि युवा निवेशक नए उपायों एवं विकल्पों के प्रति सकारात्मक हैं.
आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स आदि से श्रम बाज़ार पूरी तरह बदल जायेगा. यह अनेक देशों एवं कारोबारों में अभी ही बदलने लगा है. जो लोग, समाज और देश नयी स्थितियों के लिए तैयार नहीं होंगे, वे पीछे छूट जायेंगे. इसके असंख्य उदाहरण अभी ही देखे जा सकते हैं.
एक हालिया लिंक्डइन पोस्ट में जैसन एलन स्कॉट ने 12 साल पहले की अपनी एक भविष्यवाणी का उल्लेख करते हुए लिखा है कि वे इस पर क़ायम हैं, खासकर अब आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग के कारण. साल 2050 को लेकर उनकी भविष्यवाणी है- भविष्य में हर घर में एक कंप्यूटर, एक कुत्ता और कुत्ते का खाना होगा. सारा काम कंप्यूटर करेगा. आदमी वहाँ कुत्ते को खाना खिलाने के लिए होगा. और, कुत्ते का काम आदमी को कंप्यूटर को छूने से रोकना होगा.

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