एक मार्क्सवादी मशीन या यंत्र-मानव नहीं, बल्कि हाड़-माँस, स्नायु, मस्तिष्क और ह्रदय से बना एक ऐतिहासिक, सामाजिक, और ठोस मनुष्य होता है.
@pkray11
एक मार्क्सवादी मशीन या यंत्र-मानव नहीं, बल्कि हाड़-माँस, स्नायु, मस्तिष्क और ह्रदय से बना एक ऐतिहासिक, सामाजिक, और ठोस मनुष्य होता है.