औपनिवेशक जैसा पूरी तरह हो जाने की आकांक्षा आतिश तासीर में भी है.
रॉबर्ट मुगाबे और पश्चिम के पैंतरे
मुगाबे की खामियों और दमन के इतिहास को भी परखा जायेगा, लेकिन आज सबसे जरूरी इस बात की पड़ताल है कि आखिर पश्चिमी देशों को मुगाबे से इतनी चिढ़ क्यों है.
@pkray11
औपनिवेशक जैसा पूरी तरह हो जाने की आकांक्षा आतिश तासीर में भी है.
मुगाबे की खामियों और दमन के इतिहास को भी परखा जायेगा, लेकिन आज सबसे जरूरी इस बात की पड़ताल है कि आखिर पश्चिमी देशों को मुगाबे से इतनी चिढ़ क्यों है.