देश-दुनिया के अनुभवों को लेते हुए भारत में समुचित बुनियादी आय (Universal Basic Income) लागू करने के बारे में गंभीरता से सोचा जाना चाहिए. विभिन्न उपायों से धन जुटाना और सामाजिक कल्याण की अन्य योजनाओं के साथ इसका समायोजन करना विशेष चुनौती नहीं है.
आतिश तासीर का वैचारिक भ्रम
औपनिवेशक जैसा पूरी तरह हो जाने की आकांक्षा आतिश तासीर में भी है.
Prof. Sen! Modi’s also won the battle of ideas.
A comment on Prof Amartya Sen's article published in the NYT
लिबरल सरलीकरण है आतिश तासीर का लेख
भारतीय दक्षिणपंथ की सोच और हरकतें पोंज़ी फ़्रॉड की तरह होती हैं.
