अब मज़दूर दिवस भयंकर विफलता और धोखेबाज़ी का शोक दिवस होना चाहिए एक और बात से मुझे एलर्जी है- मज़दूरों से क्रांति या विरोध की उम्मीद करना. ऐसा कभी इतिहास में नहीं हुआ है. May 1, 2020 2